काँटों में भी उगते फूल
बोगन बोलिया औ कचनार
डाल-डाल पर खिले हजार
रंग बिरंगे हँसते फूल
हमको अच्छे लगते फूल
गमले में हों या हो क्यारी
गुलदस्ता या माला भारी
सबके मन में बसते फूल
हमको अच्छे लगते फूल
जब गमलों में पानी देते
प्यास फूल की हम हर लेते
पानी पाकर हँसते फूल
हमको अच्छे लगते फूल
बेल बेल में लगते जाते
ऊपर-ऊपर चढ़ते जाते
बालकनी पर लटके फूल
हमको अच्छे लगते फूल
- डॉ० महेशचन्द्र शुक्ल
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