ज़िन्दगी एक रात की तरह है,जिसमे ना जाने कितने ख्वाब हैं,जो मिल गया वो अपना है,जो टूट गया वो सपना है।
ज़िन्दगी की राहों में तुम्हे जो ग़म मिलेंगेमेरे हौसलों से कम मिलेंगे,जब ख़ुद को तनहा पो कभी,कसम दोस्ती की बस याद करना और सामने हमें पाओगे।